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फेफड़ों को कैसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखे?
शरीर के सà¤à¥€ अंगों को ठीक तरीके से काम करते रहने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ को à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने और सà¤à¥€ अंगों तक पहà¥à¤‚चाने में फेफड़ों की महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका होती है। à¤à¤¸à¥‡ में इसका सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहना और निरंतर सही तरीके से काम करते रहना बहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• होता है। हालांकि दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¶ पिछले कà¥à¤› दशकों से कई कारणों से लोगों में फेफड़ों की खराबी और इससे संबंधित अनà¥à¤¯ कई तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है। फेफड़ों की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में आने वाली कमजोरी का असर शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है, यही कारण है कि फेफड़ों की सेहत को बेहतर बनाठरखने के लिठनिरंतर पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किठजाते रहना आवशà¥à¤¯à¤• है।
शोध बताते हैं कि समय के साथ हमारे फेफड़ों की कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ धीरे-धीरे कम हो जाती है, जिसके कारण कई तरह की शà¥à¤µà¤¸à¤¨ और अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का जोखिम बढ़ जाता है। आहार, जीवनशैली और नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® इस अंग को सेहतमंद रखने में आपके लिठमददगार हो सकते हैं। आइठआगे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से जानते हैं कि फेफड़ों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठअमेरिकन लंगà¥à¤¸ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ किन उपायों को पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाते रहने की सलाह देता है?
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से फेफड़ों को नà¥à¤•सान
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से बनाठलें दूरी
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, फेफड़ों के लिठसबसे नà¥à¤•सानदायक माना जाता है। अमेरिकन लंगà¥à¤¸ à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के विशेषजà¥à¤ž बताते हैं कि धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, कैंसर और कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिजीज (COPD) का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण है। सिगरेट का धà¥à¤‚आ वायॠमारà¥à¤— को संकीरà¥à¤£ कर सकता है जिससे सांस लेने में कठिन, गंà¤à¥€à¤° सूजन या फेफड़ों की खराबी जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं। लंबे समय तक सिगरेट का सेवन करते रहने वाले लोगों में फेफड़ों के ऊतकों की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ के मामले à¤à¥€ देखने को मिलते हैं।Â
फेफड़ों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने वाले कारक -
इनडोर पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण से होता है नà¥à¤•सान
फेफड़ों की बढ़ती बीमारियों का à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारण इनडोर पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण को à¤à¥€ माना जाता है। घर और कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤² पर हवा का आवागमन ठीक न होना फेफड़ों की गंà¤à¥€à¤° बीमारी का कारण बन सकता है। इनसे विशेष बचाव करते रहने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। इसके अलावा खराब हवा वाले दिनों में बाहर वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने से बचें। अपने घर, सà¥à¤•ूल या कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤² में वेंटिलेशन की उचित वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ कराà¤à¤‚ जिससे इस तरह की गंà¤à¥€à¤° बीमारियों का खतरा कम हो सके।Â
फेफड़ों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने वाले योगासन
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® बहà¥à¤¤ जरूरी
फेफड़ों की बीमारियों से बचे रहने और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाठरखने के लिठनियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®, विशेषकर सांस लेने वाले अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करते रहना बहà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤• माना जाता है। शारीरिक रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहना आपके फेफड़ों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मदद कर सकता है। फेफड़ों की बेहतर सेहत के लिठसांस वाले अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदेमंद माने जाते हैं।Â
विजà¥à¤žà¤¾à¤ªà¤¨
फेफड़ों को रखें सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥
ये टिपà¥à¤¸ हैं मददगार
फेफड़ों को सेहतमंद बनाठरखने के लिठये टिपà¥à¤¸ मददगार माने जाते हैं।
à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट से à¤à¤°à¤ªà¥‚र चीजें खाà¤à¤‚।
फà¥à¤²à¥‚ और निमोनिया के टीके लगवाà¤à¤‚। यह फेफड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोकने और फेफड़ों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।
रोजाना वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें, जो आपके फेफड़ों को ठीक से काम करने में मदद करते हों।
इनडोर वायॠकी गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करें। à¤à¤¯à¤° फिलà¥à¤Ÿà¤° जैसे उपकरणों का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें।
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